:
Breaking News

मोतीपुर में BIADA की जमीन पर फर्जी जमाबंदी, DM के आदेश पर CO पर कार्रवाई, कर्मचारी निलंबित

top-news
https://maannews.acnoo.com/public/frontend/img/header-adds/adds.jpg

मुजफ्फरपुर | जिला डेस्क

मुजफ्फरपुर जिले के मोतीपुर अंचल में सरकारी जमीन के साथ की गई बड़ी गड़बड़ी सामने आने के बाद जिला प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। बिहार औद्योगिक क्षेत्र विकास प्राधिकरण (BIADA) की लगभग 16.86 एकड़ भूमि को अवैध रूप से निजी व्यक्तियों के नाम दर्ज किए जाने के मामले में जिलाधिकारी सुब्रत सेन ने त्वरित और सख्त कार्रवाई करते हुए संबंधित अधिकारियों पर गाज गिराई है।
जांच में सामने आया कि सरकारी स्वामित्व वाली इस जमीन को नियमों की अनदेखी करते हुए ऑनलाइन प्रक्रिया के माध्यम से निजी लोगों के नाम जमाबंदी में दर्ज कर दिया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए डीएम ने मोतीपुर की तत्कालीन अंचलाधिकारी रुचि कुमारी के निलंबन की अनुशंसा संबंधित विभाग को भेज दी है। वहीं इस प्रकरण में सीधे तौर पर संलिप्त पाए गए राजस्व कर्मचारी नागेंद्र प्रसाद ठाकुर को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। निलंबन अवधि के दौरान उनका मुख्यालय अंडाई अंचल कार्यालय निर्धारित किया गया है और उनके विरुद्ध विभागीय कार्रवाई भी शुरू कर दी गई है।

कैसे हुआ खेल उजागर

प्रशासनिक जांच में खुलासा हुआ कि 7 मई 2025 को ऑनलाइन परिमार्जन प्लस प्रणाली का इस्तेमाल करते हुए मौजा बरियारपुर में एक निजी व्यक्ति के नाम 9.56 एकड़ भूमि की जमाबंदी दर्ज कर दी गई। यह स्वीकृति राजस्व कर्मचारी की अनुशंसा पर तत्कालीन अंचलाधिकारी द्वारा ऑनलाइन दी गई थी। चौंकाने वाली बात यह रही कि इस पूरी प्रक्रिया के समर्थन में अंचल कार्यालय में कोई वैध ऑफलाइन अभिलेख या दस्तावेज मौजूद नहीं थे।
यानी बिना किसी कानूनी आधार और निर्धारित प्रक्रिया का पालन किए BIADA को हस्तांतरित सरकारी भूमि को निजी संपत्ति में तब्दील कर दिया गया। आगे की जांच में यह भी सामने आया कि इसी मौजा में एक अन्य व्यक्ति के नाम 7.30 एकड़ भूमि की भी अवैध जमाबंदी की गई थी। इस तरह कुल 16.86 एकड़ सरकारी जमीन को नियम विरुद्ध तरीके से निजी हाथों में सौंप दिया गया।

BIADA की जमीन का पूरा मामला

रिकॉर्ड के अनुसार मौजा बरियारपुर में कुल 61.33 एकड़ भूमि पहले मोतीपुर शुगर फैक्ट्री के नाम दर्ज थी, जिसे बाद में नियमानुसार BIADA को हस्तांतरित कर दिया गया। इसमें से 7.98 एकड़ भूमि का दाखिल-खारिज BIADA के पक्ष में पूरा हो चुका है, जबकि शेष 53.35 एकड़ भूमि के लिए दाखिल-खारिज की प्रक्रिया जारी थी। इसी बीच, प्रक्रिया का दुरुपयोग कर 16.86 एकड़ जमीन की अवैध जमाबंदी कर दी गई।

डीएम का सख्त संदेश

जिलाधिकारी सुब्रत सेन ने साफ शब्दों में कहा है कि सरकारी भूमि से जुड़ी किसी भी तरह की लापरवाही या अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने सभी अंचल अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे अपने कार्यों में पूरी पारदर्शिता और जिम्मेदारी बरतें। शिकायत मिलने पर तत्काल जांच कर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
डीएम ने यह भी याद दिलाया कि इससे पहले भी जिले के कांटी अंचल में इसी तरह के मामले में अंचल अधिकारी पर कार्रवाई की जा चुकी है। प्रशासन का मानना है कि इस सख्त कदम से सरकारी जमीन की सुरक्षा सुनिश्चित होगी और भविष्य में इस तरह की गड़बड़ियों पर प्रभावी रोक लगेगी।
सरकारी भूमि को बचाने और व्यवस्था में भरोसा कायम रखने के लिए यह कार्रवाई जिले में एक मजबूत प्रशासनिक संदेश के रूप में देखी जा रही है।

https://maannews.acnoo.com/public/frontend/img/header-adds/adds.jpg

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *